राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बढ़ी जांच की रफ्तार, आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी पेशी, तीन और आरोपियों का 7 दिन का रिमांड मांगा

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए तीन और आरोपियों का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा है। विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने सोमवार को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर अनुकल्प मिश्र, उसके बहनोई लवकुश मिश्र और करुणेश पांडेय को सात दिन की पुलिस कस्टडी में देने की मांग की है। इस अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई होगी और तीनों आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाएगी।

अविनाश शुक्ल से मिले सुरागों के सत्यापन की तैयारी

पुलिस का मानना है कि पहले पुलिस कस्टडी में रहे आरोपी अविनाश शुक्ल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई थीं। इन्हीं तथ्यों के सत्यापन और जांच की बाकी कड़ियों को जोड़ने के लिए तीनों आरोपियों का कस्टडी रिमांड मांगा गया है।

कोर्ट में दाखिल की गई रिमांड अर्जी

सोमवार को विवेचक आशुतोष तिवारी ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में सौंपने का अनुरोध किया। न्यायालय ने आरोपियों के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह को अपने मुवक्किलों से संपर्क कर उनका पक्ष रखने का अवसर भी दिया है।

आमने-सामने पूछताछ से खुल सकते हैं नए राज

सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ल से पूछताछ के दौरान सामने आए कई तथ्य अन्य आरोपियों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में पुलिस तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर उनके बयानों का मिलान करना चाहती है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चोरी की रकम, उसके कथित बंटवारे और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है।

और गिरफ्तारी की भी बन सकती है संभावना

जांच के दौरान यदि आरोपियों के बयान से नए तथ्य सामने आते हैं, तो पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।

 

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